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राजुला-मालूशाही

राजुला-मालूशाही उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र की एक अमर प्रेम कहानी है. प्रेम के प्रतिरोधों, विरोधों, विपरीतपरिस्थितियों, समाज एवं जातिगत बंधनों में उलझ कर सुलझ जाने वाली इस कहानी में प्रेम पथिकों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा........जरूर पढ़ें!!!! उत्तराखंड में जब कत्यूर राज वंश के के राजा दुलाशाह का शाशन और राजधानी

गढ़वाल की बहादुर महारानी कर्णावती “नाक काटी रानी”

इतिहास के पन्नों के बीच एक और गाथा दर्ज है।मुगल सैनिकों की नाक काटने वाली गढ़वाल की रानी कर्णावती गढ़वाल की बहादुर महारानी कर्णावती "नाक काटी रानी" गढ़वाल राज्य को मुगलों द्वारा कभी भी जीता नहीं जा सका.... ये तथ्य उसी राज्य से सम्बन्धित है. यहाँ एक रानी हुआ

पौड़ी अतीत के झरोखे से

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पौड़ी अतीत के झरोखे से। भारतीय उपमहाद्वीप में मानव संस्कृति का इतिहास जितना पुराना है उतना ही पुराना इतिहास गढ़वाल के हिमालयी क्षेत्र का भी है. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार उत्तराखंड के पहाड़ों में सबसे पहले राजवंश ‘कत्यूर राजवंश’ का जिक्र मिलता है. कत्यूरों

बद्रीनाथ धाम

badrinath

बद्रीनाथ धाम, उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है| बदरीनाथ मंदिर , जिसे बदरीनारायण मंदिर भी कहते हैं,। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बदरीनाथ को समर्पित है। यह हिन्दुओं के चार धाम में से एक धाम भी है। बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के साथ ही साथ देश के

नैनीताल के ऐसे डीएम जिन्होंने यहां तक का सफर तय करने के लिए 25 रुपये की मजदूरी तक की

कम ही लोगो को पता होगा की अपने बुलंद होसलो और मजबूत इरादों से विनोद कुमार सुमन ने कामयाबी पायी है हौंसले बुलंद हों तो कामयाबी जरूर मिलती है। जिनके इरादे मजबूत होते हैं उनकी राह में गरीबी भी बाधा नहीं डाल पाती। 1997 में पीसीएस और 2008 बैच

गॊलू दॆवता ~ न्याय के देवता

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उत्तराखंड के गोलू देवता न्याय के देवता हैं। अल्मोड़ा, चंपावत और घोड़ाखाल में इनका पवित्र मंदिर स्थित है। जब लोगों की मुराद पूरी हो जाती है तो वह मंदिर में घंटियां चढ़ाकर जाते हैं। इन मंदिरों में लगी अनगिनत घंटियां यहां से किसी के भी खाली हाथ न जाने की

All Star Dance Studio In Dehradun

studio

All Star Dance Studio In Dehradun All star studio was founded by Prajwal Nautiyal in the year 2017.The studio was inaugurated on 8 December 2017.Its very well Developed studio with all modern facilities.All Western Styles are Taught in the studio by faculties with experience of more than 4-5

उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली

Teelu Rauteli

8 अगस्त 1661 में जन्मी पहाड़ की बेटी वीर वीरांगना तीलू रौतेली सत्रहवीं शताब्दी के उतरार्ध में गुराड गाँव परगना चौंदकोट गढ़वाल में जन्मी अपूर्व शौर्य संकल्प और साहस की धनी इस वीरांगना को गढ़वाल के इतिहास में झांसी की रानी कहकर याद किया जाता है ! 15 से 20

उत्तराखंड का रियल मुक्केबाज़| मुक्केबाज़ी इनका पैशन और प्रोफेशन है

बहादूर राणा सवार हो जाये अगर सर पर , की कुछ पाना है तो फिर क्या रह जायेगा इस दुनिया में जो हाथ नहीं आना है ! आज आपको एक ऐसे ही उत्तराखंडी अल्मोड़ा के मुक्केबाज़ी के बारे में उनकी ही जुबानी एक ऐसी कहानी बता

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