You are here
Home > Spiritual

कोट भ्रामरी मंदिर

kotbhamri

कोट भ्रामरी मंदिर, जिसे भ्रामरी देवी मंदिर और कोट की माई भी कहा जाता है, एक पहाड़ी की चोटी पर गरुड़ से 5 किमी दूर स्थित है। एक लोकप्रिय किंवदंती के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि महान भारतीय गुरु, आदि गुरु शंकराचार्य, गढ़वाल के क्षेत्र में यात्रा करते समय

माँ सुरकण्डादेवी मन्दिर

उत्तराखंड की धरती, जो कि देवी-देवताओं की भूमि कही जाती है। इस धरती पर ना जाने कितने ऐसे चमत्कार हैं, जो आपको कदम कदम पर नजर आते हैं। इन्हीं चमत्कारों में एक सबसे बड़ा चमत्कार है मां सुरकण्डा देवी का मंदिर। माता का यह मंदिर #टिहरी जिले के जौनपुर प्रखंड में

माँ कसार देवी – अल्मोड़ा

🙏माँ कसार देवी - अल्मोड़ा🙏 शक्ति के आलोकिक रूप का प्रत्यक्ष दर्शन उत्तराखंड देवभूमि में होता है। उत्तराखंड राज्य अल्मोड़ा जिले के निकट “कसार देवी” एक गाँव है।जो अल्मोड़ा क्षेत्र से 8 km की दुरी पर काषय पर्वत में स्थित है। यह स्थान “कसार देवी मंदिर” के कारण प्रसिद्ध है |

मां रशुलन दीबा मन्दिर

मां_रशुलन_दीबा_मन्दिर....उत्तराखण्ड में स्थित विश्व का इकलौता मन्दिर जहां रात भर नंगे पांव कठिन चढ़ाई चढ़कर प्रात:काल दर्शन किये जाते हैं माँ रशुलन दीबा का ये मंदिर पौड़ी के पट्टी किमगडी गढ़ पोखरा ब्लॉक के झलपड़ी गावं के ऊपर घने जंगल से होते हुए रशुलन दीबा माता मंदिर पड़ता है यदि आप भी दीबा माता के दर्शन को आना चाहते

जय माँ नंदा सुनंदा

🙏जय माँ नंदा सुनंदा 🙏 सरोवरनगरी का नंदा महोत्सव आज अपने चरम पर है। पिछली शताब्दी और इधर तेजी से आ रहे सांस्कृतिक शून्यता की ओर जाते दौर में भी यह महोत्सव न केवल अपनी पहचान कायम रखने में सफल रहा है, वरन इसने सर्वधर्म संभाव की मिशाल भी पेश की

जय माँ धारी देवी

Dhari Devi

जय माँ धारी देवी.... धारी देवी मंदिर , देवी काली माता को समर्पित है.....माँ धारी देवी को उत्तराखंड की संरक्षक व पालक देवी के रूप में माना जाता है....धारी देवी का पवित्र मंदिर बद्रीनाथ रोड पर श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है.....यह श्रीनगर, उत्तराखंड से

जय त्रियुगी नारायण मन्दिर

triyuginarayan

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगिनारायण गांव में स्थित एक हिंदू मंदिर है। प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। भगवान् नारायण भूदेवी तथा लक्ष्मी देवी के साथ विराजमान हैं। इस प्रसिद्धि को इस स्थान पर विष्णु द्वारा देवी पार्वती के शिव से विवाह के स्थल के रूप में श्रेय

हाट कलिका मंदिर – गंगोलीहाट

haat-kalika-mandir

उत्तराखंड के गंगोलीहाट की सौन्दर्य से परिपूर्ण छटाओं के मध्य यहां से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर अत्यन्त ही प्राचीन मां भगवती महाकाली का अद्भुत मंदिर हाट कलिका को चाहे धार्मिक दृष्टि से देखें या पौराणिक दृष्टि से हर स्थिति में यह आगन्तुकों का मन मोहने में पूर्णतया सक्षम है। उत्तराखंड

परम पवित्र देवभूमि ‘जागेश्वर धाम‘

jageshwar

जागेश्वर धाम सबसे विशाल एवं सुंदर मंदिर है। यह देवभूमि हिमालय पर अल्मोड़ा में स्थित है जहां भगवान शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग जागेश्वर स्थित है। जागेश्वर का प्राचीन मृत्युंजय मंदिर धरती पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों का उद्गम स्थल है। 12 ज्योर्तिलिंगों में प्रथम ज्योर्तिलिंग है जागेश्वर, यहीं से शुरू हुई दुनिया में

दूनागिरी मंदिर

dunagiri

दूनागिरी मंदिर 🌹 कुमाऊं की वैष्णो देवी मंदिर के रूप में प्रख्यात दूनागिरि शक्तिपीठ उत्तराखंड में बहुत पौराणिक और सिद्ध शक्तिपीठ है | उन्ही शक्तिपीठ में से एक है द्रोणागिरी वैष्णवी शक्तिपीठ |वैष्णो देवी के बाद उत्तराखंड के कुमाऊं में “दूनागिरि”दूसरी वैष्णो शक्तिपीठ है। उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र

Top
); ga('require', 'linkid', 'linkid.js'); ga('set', 'anonymizeIP', true); ga('set', 'forceSSL', true); ga('send', 'pageview');
error: Content is protected !!